आलेख परिचय बोलने की स्वतंत्रता

डीपफेक और वीडियो धोखाधड़ी के बढ़ते उपयोग से होने वाले जोखिम

सच्चाई अब मौत के कगार पर है क्योंकि डीपफेक में वृद्धि के साथ यह समझना और अधिक कठिन हो जाएगा कि सच्चाई क्या है।

कैसे भारत के नए जमाने के इंफ्लूएंसर्स चुनावी खेल को आकार दे रहे हैं?

  21 अप्रैल 2024

आम चुनावों से पहले, भारतीय राजनीतिक दल अपनी पहुंच और भागीदारी को अधिकतम करने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का लाभ उठा रहे हैं।

कैसे भारत का संशोधित नागरिकता कानून बहिष्करण का एक बड़ा समूह बना रहा है

  7 अप्रैल 2024

भारत के आगामी आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले भारत सरकार द्वारा विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 लागू करने के बाद देश भर में छिटपुट विरोध प्रदर्शन

‘टूलकिट’ मामले में पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी की हो रही है व्यापक आलोचना

जीवी एडवोकेसी  17 फरवरी 2021

एक लेखक ने कहा, "किसानों के समर्थन में गूगल डॉक्स का संपादन अब इस देश में राजद्रोह है।"

वेनेज़ुएला के डिजिटल पत्रकार लुईस कार्लोस डियाज़ गुमशुदा हो गए हैं

जीवी एडवोकेसी  14 मार्च 2019

वेनेज़ुएला में 'प्रतिपक्ष की पत्रकारिता' से ताल्लुक रखने वाले चेहरों में लुईस कार्लोस एक स्थापित चेहरा है.

नेटिजेन रिपोर्ट: क्या भारत में क्षेत्रीय इंटरनेट पाबंदियों का सिलसिला कभी थमेगा?

जीवी एडवोकेसी  27 फरवरी 2019

भारत में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध, वेनेज़ुएला में विपक्षी दलों की वेबसाइटों के साथ छेड़-छाड़ तथा यूगांडा में सोशल मीडिया कर की वजह से इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में गिरावट.

गैरकानूनी गिरफ्तारी व पुस्तकों की जब्ती के लिए मलेशियाई राजनीतिक कार्टूनिस्ट ज़ुनार ने पुलिस पर मुकदमा ठोका

जीवी एडवोकेसी  19 अगस्त 2017

"आप मेरी कार्टून पर प्रतिबंध लगा सकते हैं, पर मेरे दिमाग पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं। मैं स्याही की आखिरी बूंद तक चित्र बनाता रहूंगा।"

वियतनाम सरकार की खिलाफत करने वाली कार्यकर्ता को 9 साल की सजा

जीवी एडवोकेसी  29 जुलाई 2017

40 वर्षीय नेगा, जिसे उनके कलम नाम "थू नेगा" से भी जाना जाता है, प्रवासियों और भूमि अधिकार के लिए मुखर प्रतिनिधी रही हैं।

नेटिज़ेन रपट: सेंसरशिप – भारत में बढ़त, कैमरून में घटत

अंग्रेजी भाषी कैमरून में इंटरनेट की वापसी पर कश्मीर में सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी। मालदीवी पत्रकारों ने ब्लॉगर की हत्या पर किया व्यक्त शोक।

सउदी अरब ने फिलिस्तिनी कवि को “नास्तिकता और लम्बे बालों” के कारण जेल में बंद किया

मोना करीम की रपट : फिलस्तीन के कवि अशरफ फयध नास्तिकता फैलाने और लम्बे बाल रखने के कारण सउदी जेल में हैं।