आलेख परिचय अंतरराष्ट्रीय संबंध

कैसे भारत के नए जमाने के इंफ्लूएंसर्स चुनावी खेल को आकार दे रहे हैं?

  21 अप्रैल 2024

आम चुनावों से पहले, भारतीय राजनीतिक दल अपनी पहुंच और भागीदारी को अधिकतम करने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का लाभ उठा रहे हैं।

कैसे भारत का संशोधित नागरिकता कानून बहिष्करण का एक बड़ा समूह बना रहा है

  7 अप्रैल 2024

भारत के आगामी आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले भारत सरकार द्वारा विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 लागू करने के बाद देश भर में छिटपुट विरोध प्रदर्शन

जब महात्मा गांधी ने म्यांमार में अहिंसात्मक क्रांति का प्रचार किया

  9 मार्च 2019

"मेरे पास आपको देने हेतु और कोई मार्गदर्शन नहीं है कि आप अपना ध्यान अहिंसा के सामान्य सिद्धांत पर यानी आत्म-शुद्धि पर लगायें। "

तिपाईमुख बांध — प्रकृति और स्थानीय संस्कृति के लिए खतरा

  27 अक्टूबर 2013

भारतीय राज्य मणिपुर में बाढ़ नियंत्रण और पनबिजली उत्पादन के लिए, तिपाईमुख बांध की योजना बनाई गई है। लेकिन, इन सर्च फार ग्रीनर पास्चर्स ब्लॉग रपट करता है कि इस बांध से जलवायु में गंभीर परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा और पड़ोसी बांग्लादेश सहित नदी तट के निचले क्षेत्रों में रहने...

पाकिस्तान : जरदारी के फ्लर्ट पर चिट्ठाकारों का रिएक्शन

  30 सितम्बर 2008

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी हाल ही में न्यूयॉर्क में अमरीका की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार सारा पालिन से जब  मिले तो उन्होंने बातचीत के दौरान सारा से फ्लर्ट करने वाले शब्दों का खुलकर प्रयोग किया. ऐसा लगा कि राजनीतिक मुलाकात के बजाए कोर्टशिप चल रही है. जरदारी ने...

जापान : ‘खाद्यान्न संकट पर प्रीतिभोज’ और ‘स्काइप पर जी8′

  11 जुलाई 2008

टोकियो, होक्काइदो में त्रिदिवसीय जी8 सम्मेलन [जा.] 9 जुलाई को सम्पन्न हो गया. कई चिट्ठाकारों के अनुसार, यह सम्मेलन एक तरह से उनके मुँह का स्वाद कड़वा कर गया. इस सम्मेलन के प्रबंधन व सुरक्षा के लिए जितना खर्च किया गया उतनी रकम से लाखों एड्स पीड़ित मरीजों की चिकित्सा...

इस सप्ताह की चिट्ठाकारा : जिलियन यॉर्क

  22 मई 2008

सप्ताह के चिट्ठाकार में आज मोरक्को की लेखिका जिलियन सी यॉर्क से बातें करते हैं जो कि वाइसेज विदाउट वोट्स में भी नियमित लिखती रही हैं. मेकेन्स, मोरक्को में दो साल बिताने के बाद वर्तमान में बोस्टन, अमरीका में निवास कर रहीं जिलियन स्वतंत्र लेखिका हैं, चिट्ठाकारा हैं तथा मोरक्को...

भारत : ओलंपिक मशाल और तिब्बत

  7 अप्रैल 2008

लगता है लोगों के दिलो-दिमाग से तिब्बत का निकल पाना मुश्किल है. भारत की आभासी दुनिया में इसे न सिर्फ जनता का जबर्दस्त समर्थन हासिल हो रहा है, बल्कि तिब्बत समस्या पर गर्मागर्म बहसें बातचीत का प्रमुख विषय बनी रही हैं. भारत के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया ने अप्रैल...

रूसः एसयूपी और लाईवजर्नल

  7 दिसम्बर 2007

रोपर्ट एमस्टर्डम ब्लॉग लाईवजर्नल को हाल में खरीदने वाली कंपनी एसयूपी के निदेशक से सीएमएस वायर द्वारा लिये साक्षात्कार की निंदा करते हुये लिखता है, “रिपोर्टर ने बड़े नर्म सवाल पूछे और खास मुद्दों पर कोई पूछताछ नहीं की, मसलन अगर सुरक्षा एंजेसियाँ खास चिट्ठाकारों की व्यक्तिगत जानकारी चाहे तो...

स्लोवेनियाः जिसे अक्सर भुला दिया जाता है

  5 दिसम्बर 2007

“अगले 28 दिनों में स्लोवेनिया को अगले 6 महीनों के लिये यूरोपियन यूनियन के राष्ट्रपति की जिम्मेवारी मिलने वाली है और यह पहला ऐसा मौका है क्योंकि स्लोवेनिया कुछ 1300 दिन पहले ही यूरोपियन यूनियन का सदस्य बना है। तो समय है इस अक्सर भुला दिये जाते देश के बारे...