ऊपर लिखीं भाषाओं के नाम देख रहे हैं ? हम ग्लोबल वॉइसेस के आलेखों का अनुवाद कर विश्व की सिटिज़न मीडिआ को सब तक पहुंचाते हैं।

आलेख से राउंडअप

रूसः ओका

टर्किश इंवेज़न ओका नामक कार के बारे में लिखते हैं, “मास्को में पिज्ज़ा डेलिवरी के लिये ओका कार का भारी प्रयोग होता है, क्योंकि जाहिर तौर पर सर्दियों में बाईक चलाने की तुलना में यह ज्यादा गर्म रहता है। पर इसे चलाने वाले शौकीन अब मुट्ठी भर ही बचे हैं, ज्यादातर रूसी बैंकों से आसान लोन लेकर शानदार एसयूवी चलाना पसंद करते हैं। नई ओका कार की कीमत लगभग 3000 डॉलर यानि तकरीबन 1.20 लाख रुपये है।”

रूसः कास्परोव राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर

गैरी कास्परोव ने राष्ट्रपति पद की चुनावी दौड़ से खुद को बाहर कर लिया है क्योंकि वे समूह मीटिंग के लिये कोई स्थल नहीं खोज पाये। साइबेरियन लाईट मायूस हैं कि कास्परोव ने बाहर जाने के लिये ये बहाना बनाया। “मेरा अनुमान है कि कास्परोव के निर्णय का असल कारण है कि उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिये ज़रूरी २० लाख हस्ताक्षर जुटाने की कोई उम्मीद नहीं थी और अगर वे इस प्रयास में ही असफल हो जाते तो ये राजनीतिक आत्महत्या ही हो जाती।”

जमैका: कौड़ियों के दाम जिस्म

स्टनरर्स एफ्लिक्शन कहते हैं, “जी हाँ, ये नौ से ग्यारह जमात की लड़कियाँ अपने जिस्म महज़ 10 जमैकन डॉलर (लगभग 0.14 अमरीकी डॉलर या साढ़े 5 रुपये) में बेच रही हैं। इसे रोकने के लिये कुछ तो करना ही चाहिये।”

रूसः एसयूपी और लाईवजर्नल

रोपर्ट एमस्टर्डम ब्लॉग लाईवजर्नल को हाल में खरीदने वाली कंपनी एसयूपी के निदेशक से सीएमएस वायर द्वारा लिये साक्षात्कार की निंदा करते हुये लिखता है, “रिपोर्टर ने बड़े नर्म सवाल पूछे और खास मुद्दों पर कोई पूछताछ नहीं की, मसलन अगर सुरक्षा एंजेसियाँ खास चिट्ठाकारों की व्यक्तिगत जानकारी चाहे तो एसयूपी की नीति क्या होगी।”

मिस्रः यूट्यूब ने बहाल किया खाता…पर

मिस्र के चिट्ठाकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता वेल अब्बास के यूट्यूब और याहू खातों को बहाल कर दिया गया है जिन्हें मिस्र की पुलिस द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित लोगों के विडियो पोस्ट करने के कारण स्थगित कर दिया गया था। पर वे खुश क्यों नहीं हैं यह जानने के लिये उनका चिट्ठा पढ़ें।

हाँगकाँगः पॉप स्टार ने की रक्षा

यूट्यूब और अन्य स्थानीय विडियो शेयरिंग जालस्थलों पर हाँगकाँग के पॉप स्टार एंडी लाउ द्वारा एक प्रशंसक की अपने ही सुरक्षा गार्डों से रक्षा करते दिखाता एक विडियो खासा चर्चित है।

यूक्रेनः प्रदर्शनी का सच?

मॉस्को में होलोडोमोर प्रदर्शनी में कलाविध्वंस (वैंडेलिज़्म) की घटना पर वहाँ के मेयर युरी लुज़कोव ने कहा, “मुझे लगता है कि इस प्रदर्शनी का बस एक ही मकसद थाः रूसी और युक्रेनी लोगों का एका तोड़ना और उनमें दरार पैदा करना।” यूक्रेनियाना इस तर्क को होलोकास्ट के परिपेक्ष्य में भी सही पाते हैं, “क्या वे ओश्विट्ज़, बुख़ेनवाल्ड और ट्रेबेलिंका के संग्रहालय इसलिये नहीं बचाये रखें हैं ताकि जर्मन और यहूदियों के बीच नफ़रत पैदा हो?”

ब्राज़ीलः सुरक्षा की कलई खुली

पीई बॉडी काउंट एक ऐसे मामले की रपट दे रहे हैं जिससे पेरनांबुको, ब्राज़ील में सुरक्षा व्यवस्था के नदारद होने का पता चलता है। वहाँ सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव सेर्विल्हो पाईवा की सरकारी कार ही चोरी हो गई। कार अगली सुबह बरामद हो गई पर उसमें से दोनों सुरक्षा गार्डों की बंदूकें गायब थीं।

गाँधी के बाद भारत

लॉ एंड थिंग्स रामचंद्र गुहा की किताब “इंडिया आफ्टर गाँधी” की विभिन्न समीक्षाओं के बारे में लिख रहे हैं

ब्राज़ील: इंटरनेट बिना सब सूना

मंगलवार से बिना इंटरनेट जी रहीं और साइबरकैफे से ब्लॉगिंग कर रही गैबरीला ज़ागो ब्राज़ीलियाई टेलिकॉम सेवा को अब तक की सबसे खराब सेवा करार देती हैं, “उन्होंने हमें फोन से इत्तला दी केबल चोरी हो गये हैं और अगले दिन समस्या को सुलझा लिया जायेगा, जबकि अगले दिन यानि गुरुवार को प्रोक्लेमेशन डे की छुट्टी थी।” उन्हें यकीन है कि समस्या एक हफ्ते से पहले नहीं सुलझने वाली।

केन्याः वोटरों के तीन विष

कुमेकूचा किन्याई वोटरों की तीन दिक्कतों पर ध्यान दिलाते हैं, “कबिलाई, भष्ट्राचार और छोटी याद्दाश्त। ये तीन विष हैं जो हमें 27 को वोट डालने के पहले अपने शरीर से झाड़ उतारने होंगे।”

सूडानः एड्स से लड़ने का गलत तरीका

सूडान में जे़रबा एक पोस्टर को “मौत का पोस्टर” पुकारते हुये निंदा करते हैं जिसमें इलाज व बचाव के तरीके बताये बगैर मानव खोपड़ी और हड्डियों के सहारे लोगों को एड्स के खतरों के प्रति अगाह किया गया है। वे लिखते हैं कि एड्स अब कोई मौत की सज़ा नहीं रह गई है। गलत संदेश से “वायरस और बढ़ेगा” और “संक्रमितों को और अधिक कलंकित” माना जाने लगेगा।

मिस्रः लालची सेना

“इस बात के सबूत मिल रहे हैं की सेना सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण के बारे में और लालची होती जा रही है, खास तौर पर जब मौके की ज़मीन और व्यवसायों की बात हो।” लिखते हैं मिस्र से द अरेबिस्ट जो सेना द्वारा कैरो के नज़दीक कुरसाया द्वीप के अधिग्रहण की योजना के बारे में खबर दे रहे हैं

मलेशियाः दूसरों के बैग से रखें परहेज़

रॉकी मलेशियाई लड़कियों को आगाह करते लिखते हैं कि वे विदेश प्रवास के समय दूसरों के बैग ढोने से बचें। हाल ही में ऐसी घटनायें हुई हैं जिनमें ड्रग स्म्गलरों ने मलेशियाई औरतों की जानकारी के बिना उनके बैगों को वाहक के रूप में इस्तेमाल किया।

इरानः नारों की सचाई

फोटो ब्लॉगर कुसुफ़ ने एक गंदी दीवार के चित्र प्रकाशित किये हैं जहाँ महमूद अहमदिनेज़ाद के 2005 के राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के समय के पोस्टर अब भी दिखते हैं। पोस्टर पर खुशहाली और चैन के वायदे हैं। कुसुफ़ पूछते हैं कि उन नारों का क्या हुआ? वो कहते हैं कि न ही खुशहाली के संकेत मिले हैं और न चैन के।

इरानः अमरीकी सैनिक और इराकी बच्चे

रज़ेनो ने इराक में बच्चों की देखरेख करते अमरीकी सैनिकों की कई तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इस चिट्ठाकार का कहना है कि इरानी मीडिया कभी ऐसी तस्वीरें नहीं छापता। भले ही युद्ध एक स्याह दास्तां हो पर इनमें मानवीय संवेदनायें भी तो शामिल रहती हैं।

लेबनानः पंथ बनी पहचान?

लेबनानी चिट्ठाकार एम बीबीसी पर भीड़ का अनुसरण करने का आरोप लगाते हैं क्योंकि वो जिन लोगों का साक्षात्कार लेती है उनकी पहचान उनके संप्रदाय से करती है।

ब्राज़ीलः चिट्ठाकार ही करतें हैं बहस शुरु

एमलॉग एक समाचार के बारे में बता रहे हैं जिसमें ये रपट दी गई है कि ब्राज़ीलियाई इंटरनेट पर होने वाली बहसों का एक तिहाई हिस्सा ब्लॉगमंडल से ही शुरु होता है। “तर्क देने के अलावा जब वे ब्राँड या उपभोग के रुख के बारे में के बारे में लिखते हैं तो उपभोक्ताओं के निर्णय पर भी प्रभाव छोड़ते हैं।”

चीनः विश्वविद्यालयों में गोल्फ संस्कृति

झ्यूयाँग चीनी विश्वविद्यालयों में गोल्फ संस्कृति की निंदा करते हैं। उन्होंने पाया कि अन्य देशों में छात्र ऐसे खेलों का आनंद लेते हैं जिनमें शारीरिक चुनौती पर बल दिया जाता हो जैसे फुटबॉल य बास्केटबॉल जबकि गोल्फ बस अपनी “क्लास” दिखाने का खेल भर है।

मिस्र: क्या इज़्राइल भयभीत है?

“मुझे इस बात का कारण समझ नहीं आता कि इज़्राइल अरब या किसी भी अन्य इस्लामी देश के पास अपना परमाणु कार्यक्रम होने की बात पर इतना खौफ़जदा रहे। मुझे कोई तार्किक कारण नहीं नज़र आता जो इज़्राइली कर रहे हैं चाहे हो इरान के खिलाफ विश्व को बरगलाने की बात हो या मिस्र या KSA की शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम शुरु करने की घोषणा करने पर निंदा हो।”, मिस्र की चिट्ठाकार जेनोबिया लिखती हैं

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शुक्रिया! पर फ़िलहाल नहीं।