ऊपर लिखीं भाषाओं के नाम देख रहे हैं ? हम ग्लोबल वॉइसेस के आलेखों का अनुवाद कर विश्व की सिटिज़न मीडिआ को सब तक पहुंचाते हैं।

· अगस्त, 2007

आलेख से राउंडअप से अगस्त, 2007

एड्स के रोगी जिंदा दफ़्न

इस्राईल से स्मूदस्टोन एक रपट के बारे में बता रहे हैं जिसमें बताया गया है कि संक्रमण के डर से पापा न्यू गिनी में एड्स संक्रमितों को जीवित दफनाया गया।

रूस: रेस्तरां करायें बदनामियाँ

कॉपीड्यूड रूस में व्याप्त ऐसे अनेक तरीकों का ज़िक्र कर रहे हैं जिनके द्वारा रेस्तरां मालिक विदेशियों के साथ बदसलूकी करते हैं। वे लिखते हैं कि इन्हें कुछ भी अंदाज़ा नहीं कि बदनामी से उनका क्या नुकसान हो सकता है, “ग्राहक सेवा शोध के अनुसार एक असंतुष्ट ग्राहक कम से कम आठ लोगों को अपना बुरा अनुभव बताता है। ब्लॉगिंग के युग में शायद हमें इस संख्या को शायद 80 के आसपास रखना चाहिये।”

मिस्र : क्या मुबारक की मौत हो चुकी है?

“मुझे देर रात एक मित्र का फोन आया, ‘क्या होस्नी मुबारक* मर चुके हैं?’, उसने पूछा। मुझे नहीं पता कि उसे ये खबर कहाँ से मिली पर ये अफवाह गर्म है कि होस्नी उर्फ द ग्रेट डिक्टेटर को वायुयान द्वारा जर्मनी के एक अस्पताल में ले जाया गया और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है”, मिस्र के चिट्ठाकार डी बी शोबरेवी लिखते हैं। * मिस्र के राष्ट्रपति”

रोमानियाई एस्क्वेर

esquire_romanian.JPGअगले सप्ताह एस्क्वेर पत्रिका का रोमानियाई संस्करण जारी होने जा रहा है। आउलस्पॉटिंग लिखते हैं, “एस्क्वेर रोमानिया के पत्रिका बाज़ार में एक नवीन उत्पाद है और दीर्घ आकार के लेखों व गल्पशैली की पत्रकारिता पेश करने वाला पहला माध्यम होगा। रोमानिया में ऐसी शैलियाँ लगभग नदारद हैं।”

जमैका: तूफानी डीन के बाद

जमैका में डीन नामक अंधड़ से बचने के बाद सिटीगर्ल लिखती हैं, “दरअसल बड़ी नाइंसाफी लगती है बिजली के 4 दिनों के कष्टकर इंतज़ार के बारे में शिकायत करना सिर्फ इसलिये कि मुझे टीवी देखना और अंतर्जाल सर्फिंग करनी है। आखिरकार, ऐसे लोग भी हैं जो इस तूफान से किसी तरह बचे हैं और उन्हें रहने का ठिकाना तक मयस्सर नहीं।”

इतना बड़ा तो नहीं आईफिल टावर

लेबनीस मार्क, जो कुवैत में रहते हैं, अपने पेरिस भ्रमण के दौरान आईफिल टॉवर से कुछ खास प्रभावित नहीं हुये और लिखा, “मैं उम्मीद लगाये बैठा था कि ये काफी बड़ा होगा। हद्द है।”

मेडागास्कर: बूंद बूंद से सागर

बूंद बूंद से सागर बनता है: “एक गाँव के चार अफ़्रीकी चिट्ठाकारों ने बदलाव लाने हेतु मिलकर एक प्रकल्प शुरु किया है। और वे सिर्फ बातें ही नहीं कर रहे हैं, वाकई काम भी कर रहे हैं।”

ज़ाम्बिया: दान के पैसे से कार व आईपॉड

ज़ाम्बिया में अधिकाँश लोग कार और आईपॉड चाहते हैं और, पॉज़िटिवली ज़ाम्बियन लिखते हैं, चुंकि दान का पैसा आसानी से उपलब्ध हो जाता है इसलिये वे गरीबी का सामना करने के नाम पर फर्ज़ी संस्थायें बना लेते हैं।

नामीबिया: विकास के डिजीटल उपकरण

जेरार्ड नामीबिया के लर्नलिंक परियोजना के बारे में लिखते हैं,”मैं लर्नलिंक से ही शुरुवात करुंगा, खास तौर पर उनके “नामीबिया” प्रकल्प से”।

बाहरीन: आतंवादियों का आयात

बाहरीनी चिट्ठाकार ईमूड्ज़ हैरत जताते हैं कि कैसे एक कथित आतंकवादी का, सउदी अरब में आतंकवाद के पूर्व मामले दर्ज होने के बावजूद, बाहरीन में स्वागत किया गया।

फिलिस्तीन: तुर्की में इक गुल

फिलिस्तीनी चिट्ठे कबाबफेस्ट के फय्याद तुर्की कें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अब्दुल्ला गुल के बारे में लिखते हैं, “विडंबना है कि तुर्की में कुछ धर्मनिरपेक्ष चरमपंथियों को भी गुल की बेगम हैरुन्निसा का हिजाब, जिस पर तुर्की के सभी सार्वजनिक संस्थानों में पाबंदी है, पहनना नागवार गुज़र रहा है, खासतौर पर जब वे राष्ट्रपति के महल में ये पहन दाखिल होंगी।”Fayyad

ओमान: एक ही दिन हो रमज़ान

ओमानी चिट्ठाकार स्लीपलेस उम्मीद जता रहे हैं कि सभी इस्लामी देश रमज़ान की शुरुवात एक ही दिन करना तय करेंगे। वे लिखते हैं “उम्मीद की जाय कि इस बार हम पूरे अरब व इस्लामी विश्व में एक ही दिन पर रज़ामंद होंगे बजाय इसके कि बेवकूफ बनें और फिर कहें कि हमें तो चाँद दिखा ही नहीं।”

इरान: टीवी के लोकप्रिय कार्यक्रम

फर्नाम बिद्गोली इरानी टेलीविज़न के कुछ लोकप्रिय कार्यक्रमों के बारे में बता रहे हैं और ये भी कि वे लोकप्रिय क्यों हैं। कुछ विडियो अंश भी हैं।

इरान: फॉक्स अटैक्स

रॉबर्ट ग्रीनवॉल्ड निर्मित लघुचित्र “फॉक्स अटैक्सः इरान” में फॉक्स टीवी स्टेशन के प्रसारण से सबूत पेश किये गये हैं, जिनमें इराक युद्ध के पहले की उनकी रिपोर्टिंग की इरान से संबंधित उनकी वर्तमान रिपोर्टिंग से तुलना की गई है।

चीन: अश्लील साहित्य हटाने की मुहीम, फिक्शन भी चपेटे में

DANWEI की माया चीन में कामुक आनलाईन फिक्शन को जाल से हटाने की कानूनी कार्यवाही के बारे में लिखती हैं। ये मुहीम ओलंपिक्स के पहले की “सफाई” पर दिये जा रहे खास ध्यान का हिस्सा है।

ट्रिनीडाड व टोबैगो: काँडोम का तर्क

“सचाई ये है कि लोग यौन संबंध बना रहे हैं, चाहे अवैध हों या नहीं, और इनमें से भयावह तादात में हमारे मुल्क के लोग एचआईवी तथा अन्य STI (यौन जनित संक्रमण) से संक्रमित हो रहे हैं”। रैंबलिंग एंड रीज़न युवाओं को यौनिक रूप से जिम्मेदार बनाने के बारे में तर्क देते हुये लिखते हैं।”

दक्षिण अफ्रीकाः गूगल के बाद कौन आ रहा है?

विनी उम्मीद जता रही हैं कि भविष्य में दक्षिण अफ्रीका में और इंटरनेट कंपनियाँ अपना आशियाना बनायेंगी, “दक्षिण अफ्रीकी इंटरनेट प्रयोग में पिछले वर्ष की तुलना में 120 फीसदी बढ़त हुई है और वो दिन दूर नहीं जब ईबे, याहू और अन्य गूगल और अमेज़ॉन (अमेज़ान के केपटाउन कार्यालय ने ही ईसीटू बनाया है) की तरह दक्षिण अफ्रीका में डेरा डाल दें।”

अफ्रीका का पिंड छोड़ो

कम्यूनिस्ट सॉक्स एंड बूट्स हर बच्चे को लैपटॉप (OLPC) की खबर ले रहे हैं, “ये इस गलत अनुमान पर आधारित है कि बच्चे इसे अपने साथ शिकार पर ले जायेंगे या मिट्टी की दीवारों वाली पाठशालाओं में इनका इस्तेमाल करेंगे या कि उन्हें अंग्रेज़ी से स्थानीय भाषाओं में सरल अनुवाद की ज़रूरत होगी।”

बांग्लादेश: छात्र संघर्ष और कर्फ्यू

ढाका विश्वविद्यालय में उपद्रव के पश्चात बांग्लादेश में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। रेज़वान घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।

कुवैतः तेल का पैसा गया कहाँ?

कुवैत से ज़ेड आश्चर्य प्रकट करते हैं कि तेल से बनाया पैसा अरब देश आख़िर कहाँ खरचते हैं, जबकि विश्व के 500 शीर्ष शिक्षा संस्थानों में केवल एक ही अरब विश्वविद्यालय शामिल है।

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शुक्रिया! पर फ़िलहाल नहीं।