3 नवम्बर 2007

आलेख से 3 नवम्बर 2007

उज़बेकिस्तान: पुरातन कृषि

जोशुआ फाउस्ट रपट दे रहे हैं कि लंदन स्थित उज़बेकिस्तानी दूतावास ने नाराज़ शब्दों में उन खबरों का खंडन किया है जिनमें ये आरोप लगाये गये थे कि वहाँ कपास चुनने के लिये बच्चों का इस्तेमाल होता है या उन्हें इस काम के लिये मजबूर किया जाता है। दूतावास ने...

आर्मीनियाः खुला पत्र

तुर्की लेखक व चिट्ठाकार मुस्तफा अक्योल की आर्मीनियाई जातिसंहार विषय पर आप्रवासी आर्मीनियाई को लिखे खुले पत्र का जवाब “लाईफ इन आर्मीनिया” चिट्ठे के लेखक रफी ने तुर्की नागरिकों को लिखे अपने खुले पत्र से दिया है। 1915 से 1917 के बीच हुई घटनाओं को जातिसंहर का दर्जा देते हुये...

पाईये दुनिया भर से रोचक कहानियाँ सीधे अपने इनबॉक्स में

* = required field
शुक्रिया! पर फ़िलहाल नहीं।