आलेख परिचय उप सहारा अफ्रीका

मोज़ाम्बीकः स्कूल फिर शुरु, पर सबके लिये नहीं

  28 जनवरी 2008

जूलियो मोज़ाम्बीक में, जहाँ अनेक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पाठशालाओं के नये सत्र की शुरुवात और देश में शिक्षा की दिक्कतों के बारे में लिखते हैं। “मैं तो शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में भी बात नहीं कर रहा। मैं सिर्फ बात कर रहा हूँ इस देश के हज़ारों...

केन्याः वोटरों के तीन विष

  13 दिसम्बर 2007

कुमेकूचा किन्याई वोटरों की तीन दिक्कतों पर ध्यान दिलाते हैं, “कबिलाई, भष्ट्राचार और छोटी याद्दाश्त। ये तीन विष हैं जो हमें 27 को वोट डालने के पहले अपने शरीर से झाड़ उतारने होंगे।”

सूडानः एड्स से लड़ने का गलत तरीका

  13 दिसम्बर 2007

सूडान में जे़रबा एक पोस्टर को “मौत का पोस्टर” पुकारते हुये निंदा करते हैं जिसमें इलाज व बचाव के तरीके बताये बगैर मानव खोपड़ी और हड्डियों के सहारे लोगों को एड्स के खतरों के प्रति अगाह किया गया है। वे लिखते हैं कि एड्स अब कोई मौत की सज़ा नहीं...

पर्यावरण : अफ़्रीका का हरित दृश्य

  22 सितम्बर 2007

क्या आप टॉप गियर, झकास फ़ास्ट कार….और पर्यावरण प्रेमी बन सकते हैं? इस साल 12 अक्तूबर को चिट्ठाकारी संबंधित कौन सा कार्यक्रम रखा गया है? अफ़्रीका को दान किए गए उन सारे कम्प्यूटरों का क्या हुआ? इन असामान्य प्रश्नों के उत्तर अफ़्रीका के चिट्ठाकारों ने इस सप्ताह दिए हैं. चित्र...

अफ्रीका: औपनिवेशिक सच

  15 सितम्बर 2007

औपनिवेशिक इतिहास, एकोसो लिखते हैं, अगर उपनिवेशी की नज़र से देखा जाय तो कुछ बयां किया जा सकता हैः आई केम, आई सॉ, आई कांकर्ड। देन आई लाईड अबाउट इट (मैं आया, मैंने देखा, मैंने विजय प्राप्त की। और फिर मैंने इसके बारे में झूठ कहा)।”

मेडागास्कर: बूंद बूंद से सागर

  24 अगस्त 2007

बूंद बूंद से सागर बनता है: “एक गाँव के चार अफ़्रीकी चिट्ठाकारों ने बदलाव लाने हेतु मिलकर एक प्रकल्प शुरु किया है। और वे सिर्फ बातें ही नहीं कर रहे हैं, वाकई काम भी कर रहे हैं।”

दक्षिण अफ्रीकाः गूगल के बाद कौन आ रहा है?

विनी उम्मीद जता रही हैं कि भविष्य में दक्षिण अफ्रीका में और इंटरनेट कंपनियाँ अपना आशियाना बनायेंगी, “दक्षिण अफ्रीकी इंटरनेट प्रयोग में पिछले वर्ष की तुलना में 120 फीसदी बढ़त हुई है और वो दिन दूर नहीं जब ईबे, याहू और अन्य गूगल और अमेज़ॉन (अमेज़ान के केपटाउन कार्यालय ने ही...

ज़ाम्बिया: दान के पैसे से कार व आईपॉड

  23 अगस्त 2007

ज़ाम्बिया में अधिकाँश लोग कार और आईपॉड चाहते हैं और, पॉज़िटिवली ज़ाम्बियन लिखते हैं, चुंकि दान का पैसा आसानी से उपलब्ध हो जाता है इसलिये वे गरीबी का सामना करने के नाम पर फर्ज़ी संस्थायें बना लेते हैं।

अफ्रीका का पिंड छोड़ो

  23 अगस्त 2007

कम्यूनिस्ट सॉक्स एंड बूट्स हर बच्चे को लैपटॉप (OLPC) की खबर ले रहे हैं, “ये इस गलत अनुमान पर आधारित है कि बच्चे इसे अपने साथ शिकार पर ले जायेंगे या मिट्टी की दीवारों वाली पाठशालाओं में इनका इस्तेमाल करेंगे या कि उन्हें अंग्रेज़ी से स्थानीय भाषाओं में सरल अनुवाद...

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शुक्रिया! पर फ़िलहाल नहीं।