आलेख परिचय पर्यावरण
अब नेपाल में रिक्शा नहीं पेडीकैब बोलिये हुज़ूर
पेडीकैब दक्षिण एशियाई लोगों के लिए आवश्यक गतिशीलता प्रदान करेगा। रिक्शा का उत्पादन, प्रबंधन करने वाले उद्योग गरीबों के लिए आय का प्रमुख स्रोत होंगे।
भारतीय वैज्ञानिकों की तकनीक बचाएगी हाथियों के हमलों से
एक छोटी टीम हाथियों पर दिन के समय नजर रखताी है, और टेलिविजन चैनलों को जानकारी देती है। हाथियों के घूमने के क्षेत्र से दो किलो मीटर के दायरे वाले लोगाों को एक लिखित संदेश भेजा जाता है। एक छोटी टीम हाथियों पर दिन के समय नजर रखताी है, और टेलिविजन चैनलों को जानकारी देती है। हाथियों के घूमने के क्षेत्र से दो किलो मीटर के दायरे वाले लोगाों को एक लिखित संदेश भेजा जाता है।
तिपाईमुख बांध — प्रकृति और स्थानीय संस्कृति के लिए खतरा
भारतीय राज्य मणिपुर में बाढ़ नियंत्रण और पनबिजली उत्पादन के लिए, तिपाईमुख बांध की योजना बनाई गई है। लेकिन, इन सर्च फार ग्रीनर पास्चर्स ब्लॉग रपट करता है कि इस...
थाईलैंड शार्क संरक्षण परियोजना
थाईलैंड मे शार्क दिखाई देने की घटनाओ में 95 प्रतिशत कमी प्रकाश मे आने के बाद ई-शार्क परियोजना का शुभारंभ थाईलैंड मे किया गया है। थाईलैंड की ई-शार्क परियोजना का...
बंग्लादेश में दक्षिण एशिया के सॅूस का संरक्षण
मनीस दत्ता, जो ईडीजीई फेलो हैं, बंग्लादेश में दक्षिण एशिया के नदीओं में रहने वाली सॅूस(डॉल्फिन) को अनेक खतरों से बचाने के लिेए काम कर रहे हैं। एक ब्लौग में...
क्या बांग्लादेश समुद्र में डूबने वाला है?
वातावरण परिवर्तन के दुष्प्रभावों से सर्वाधिक पीड़ित होने वाले राष्ट्रों में बांग्लादेश का नाम सबसे पहले आता है. नदी के डेल्टा में स्थित होने के कारण वैश्वीय ऊष्मीकरण से समुद्री...
जापान : ‘खाद्यान्न संकट पर प्रीतिभोज’ और ‘स्काइप पर जी8′
टोकियो, होक्काइदो में त्रिदिवसीय जी8 सम्मेलन [जा.] 9 जुलाई को सम्पन्न हो गया. कई चिट्ठाकारों के अनुसार, यह सम्मेलन एक तरह से उनके मुँह का स्वाद कड़वा कर गया. इस...
जापानः सारा मक्खन गायब
जापान में हर जगह दुग्ध उत्पाद खोजते उपभोक्ता बस यही आर्तनाद कर रहे हैं, “कहाँ गया मक्खन?”। दूध के उत्पादन में भारी कमी और उसके साथ बीज का दामों में...
मिस्र: क्या इज़्राइल भयभीत है?
“मुझे इस बात का कारण समझ नहीं आता कि इज़्राइल अरब या किसी भी अन्य इस्लामी देश के पास अपना परमाणु कार्यक्रम होने की बात पर इतना खौफ़जदा रहे। मुझे...
पर्यावरण : जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त-राष्ट्र सम्मेलन भाग 1
- थीमेटिक प्लेनेरी I – एडॉप्टेशन – फ्रॉम वल्नेरेबिलिटी टू रेजिलिएंस. फ़ैसिलिटेटर – डॉ. आशा-रोज़ मिगिरो उप महा सचिव सह सभापति आदरणीय श्री आंदेर्स फॉग रासमुसेन, प्रधान मंत्री, डेनमार्क आदरणीय...


