नवीनतम लेख Ravishankar Shrivastava
जापान : यौन दासियों की लंबित मांगों पर ध्यान खींचते वीडियो
द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्त होने के साठ साल से अधिक बीत जाने के बाद भी जापानी सेना के आदेशों के तहत अपहृत की गई स्त्रियाँ अब भी न्याय की...
फ्लिकर पर वीडियो : विरोध के तीख़े सुर
अभी फ्लिकर वीडियो सेवा को चालू हुए सत्रह घंटे भी नहीं बीते हैं कि “फ्लिकर में कोई वीडियो नहीं चलेगी नहीं चलेगी ” नाम के फ्लिकर समूह में 5475 से...
दक्षिण अफ़्रीकी चिट्ठा पुरस्कार
On April 2nd, The South African Blog Awards were held in Cape Town to a great turnout of bloggers and also some very inspired winners. This is a summary of posts about the award from South African bloggers.
भारत : ओलंपिक मशाल और तिब्बत
लगता है लोगों के दिलो-दिमाग से तिब्बत का निकल पाना मुश्किल है. भारत की आभासी दुनिया में इसे न सिर्फ जनता का जबर्दस्त समर्थन हासिल हो रहा है, बल्कि तिब्बत...
बहरीन : अनेकता में बनी हुई सौहार्द्रता
सैकड़ों वर्षों से बहरीन शान्ति का स्वर्गस्थल बना हुआ है जहां तमाम वर्ण, जाति, और धर्म के लोग भाईचारे के साथ रहते आए हैं. राजधानी मनामा के रहने वाले बहरीनी चिट्ठाकार क्राइस्ट ब्लड (अरबी) अपने पड़ोस के एक ऐसे स्थल के बारे में बता रहे हैं जो जाति और धर्मगत विभिन्नताओं के मध्य आपसी सामंजस्य और सौहार्द्र का वास्तविक प्रतीक स्वरूप है.
उत्सव, दावत और मुस्कुराहटों का दान
बीते शनिवार को तमाम विश्व के मुसलमानों ने रमजान की समाप्ति पर ईद-उल-फित्र का त्यौहार मनाया. चेन्नई के चिट्ठाकार अबुल कलाम अपना अनुभव बांट रहे हैं. उनके उत्साहित बच्चे अपने दोस्तों व पड़ोसियों को मिठाइयाँ बांट रहे हैं. उनकी सबसे छोटी पुत्री अपने गैर-मुसलिम दोस्तों की सहायता से रमजान के बारे में एक विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार कर रही है. आजाद सोच रहे हैं कि किसी दिन उनकी बेटी जरूर ही अपने दोस्तों के साथ मिल कर इसी तरह के प्रोजेक्ट, दीपावली पर काम करेगी.
जापान: सुमो कुश्ती पर संकट के बादल
जापान के “राष्ट्रीय खेल” – सुमो कुश्ती के लिए यह महीना कुछ अच्छा नहीं रहा. सबसे पहले तो मंगोलियाई पहलवान असाशोरयू, दो योकोजुना (शीर्ष क्रम की कुश्ती कक्षा) में से...
अरबी : आपका धर्म क्या है?
कुछ अरब देशों में दफ़्तरशाही जीवन का अभिन्न अंग है. मिस्र के चिट्ठाकार नोरा यूनिस ने हमें दिखाया है कि जब दफ़्तरशाही के कामकाज धार्मिकता के साथ जुड़ते हैं तब क्या हो जाता है. इस पोस्ट में मैंने अरबी से अनुवाद किया है.
हिन्दी : क्रिकेटिया माहौल और एक शहीद की याद
24 सितम्बर की शाम को दिल्ली में खुशियों का सैलाब तब बह निकला जब श्रीसंथ ने मिशाब-उल-हक का वो कैच पकड़ा जिसने भारत को पहले ट्वेंटी20 विश्वकप में शानदार जीत...
चक दे इंडिया
पिछले महीने रिलीज हुई बॉलीवुड की फिल्म चक दे इंडिया ने भारतीयों के मानस पटल पर क्या जबरदस्त प्रभाव डाला. भारत में चक दे इंडिया को जादुई मंत्र की तरह...




