Debashish Chakrabarty

Debashish is a software professional based in Pune, India. He had been blogging in English and Hindi since 2002. He founded India's first (and only) desi blog awards Indibloggies and the first Hindi blog aggregator Chittha Vishwa, Hindi webzines Nirantar and Samayiki, and Hindi podcast Podbharati. Debashish has contributed to the localization of multiple pieces of software. He has also been instrumental in beginning initiatives like Buno Kahani, a group blog where various authors literally weave a story and Anugunj – a web event hosted in turn by Hindi bloggers – where various bloggers write on a given topic. He publishes the newsletters Podcast Parikrama and The Agile Chronicles. [Click here to know more]

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कैसे भारत के नए जमाने के इंफ्लूएंसर्स चुनावी खेल को आकार दे रहे हैं?

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आम चुनावों से पहले, भारतीय राजनीतिक दल अपनी पहुंच और भागीदारी को अधिकतम करने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का लाभ उठा रहे हैं।

अज़रबैजानः बात शांति की, पर इस्लाम से नफ़रत

  2 दिन पूर्व

पिछले महीने देश भर में बड़ी संख्या में धार्मिक विश्वासियों को गिरफ्तार किया गया। पिछले डेढ़ साल में >500 विश्वासियों को गिरफ्तार किया गया है।

तीस साल पूर्व, आज ही रचा था वेस्टइंडीज के क्रिकेटर ब्रायन लारा ने इतिहास

  4 दिन पूर्व

लारा ने एक टेस्ट में सर्वाधिक रनों का सर गारफील्ड सोबर्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया; अंततः वह 375 रन पर आउट हो गए।

गाजा में, मलबे में फंसी, शरीर और आत्मा

गाजा पर इज़राइल के हमले की क्रूरता को जापानी एनीमे श्रृंखला "अटैक ऑन टाइटन" में पूर्वाभासित है, जो पहली बार 2013 में प्रसारित हुई थी।

कैसे भारत का संशोधित नागरिकता कानून बहिष्करण का एक बड़ा समूह बना रहा है

  2 सप्ताह पूर्व

भारत के आगामी आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले भारत सरकार द्वारा विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 लागू करने के बाद देश भर में छिटपुट विरोध प्रदर्शन

किर्गिस्तान की हिट फिल्म एक मां और बेटे के बीच के रिश्ते की मार्मिक कहानी है

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निर्देशक रुस्लान अकुन के मुताबिक, फिल्म का मुख्य लक्ष्य लोगों को एक-दूसरे के प्रति दयालु होने और अच्छे काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

मंगोलिया में खानाबदोशों के लिए, घुमक्कड़ी है एक पावन अधिकार

मंगोल कहते हैं कि आज़ादी उनके खून में है। मंगोलिया का संविधान नागरिकों को कहीं भी रहने का अधिकार प्रदान करता है।

बढ़ते ऑनलाइन घोटाले भारत के डिजिटल परिदृश्य को डाल रहे हैं खतरे में

जीवी एडवोकेसी  23 मार्च 2024

मोबाइल फोन व डिजिटल लेनदेन के व्यापक उपयोग का लाभ उठाकर अनेक बेरोजगार साइबर अपराध को अपनी आजीविका का साधन बना चुके हैं

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