आभा मोंढे

मैं एक फ्रीलांसर पत्रकार (संपादक) के तौर पर जर्मनी की अंतरराष्ट्रीय प्रसारण सेवा के हिन्दी विभाग में काम करती हूं. कथक में गांधर्व महाविद्यालय से अलंकार हूं. कई साल नृत्य सिखाया है और यूरोप के कई देशों में कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए हैं. हिन्दी में लिखना पढ़ना मेरी रुचि है.

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